केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस साल 1 जनवरी से 3 फरवरी तक के आंकड़े साझा करते हुए बताया है कि देश में स्वाइन फ्लू के 6,601 पीडित मरीज सामने आए हैं। स्वाइन फ्लू के चलते अब तक 226 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर मौतें राजस्थान, गुजरात और पंजाब में हुई हैं।
राजस्थान के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय पहले ही एक टीम रवाना कर चुका है। राजस्थान में सबसे ज्यादा 2,263 मरीज फ्लू की चपेट में आए हैं। यहां 85 मरीजों की मौत भी हुई है।
वहीं दिल्ली में 1,011 मरीज अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं। राजस्थान के बाद सबसे ज्यादा कहर गुजरात में दिख रहा है। स्वाइन फ्लू के चलते यहां 43 लोगों की मौत हो गई। हालांकि इस रिपोर्ट ने स्वाइन फ्लू के चलते मरीजों की मौत होने की पुष्टि नहीं की है लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या पर चिंता भी जताई है।
पंजाब और गुजरात के लिए भी टीम रवाना करने के निर्देश दिए।
स्वाइन फ्लू का सबसे खतरनाक रूप पंजाब में देखने को मिल रहा है। पंजाब में पिछले कुछ दिन के भीतर ही स्वाइन फ्लू के 250 मरीज देखने को मिले हैं। जबकि इनमें 30 लोग फ्लू की वजह से मौत के शिकार हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में पिछले 34 दिन के भीतर 105 लोग एच1एन1 ग्रस्त मिले हैं। इनमें से 14 लोगों की मौत हो चुकी है।
राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 1019 हो गई है। बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बुधवार को एक बार फिर गाइडलाइन जारी की है। इसके पहले बीते शुक्रवार को सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए थे। बीते 48 घंटे के दौरान राजधानी में 124 मामले दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा हरियाणा, यूपी और उत्तराखंड में क्रमश: 490, 270 और 18 मरीज स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर बीमार पड़े हैं। यूपी में अब तक चार तो हरियाणा में दो और उत्तराखंड में तीन मरीजों की मौत की जानकारी मंत्रालय को मिली है।
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