गुरुदेव श्री श्री अपने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से दुनिया भर में शांति और सद्भाव को बढ़ावा दे रहे हैं. गुरुदेव २४-२६ जुलाई को शाम ६.३० से ८ बजे IST तक ‘मुरुगन रहस्याम’ का संचालन करेंगे। उनका इरादा पूरी दुनिया मे इस गाने के प्रसार करना तथा दुनिया को इस गाने का महत्व बताना हैं। यह कार्यक्रम तमिल भाषा में आयोजित किया जाएगा( कई भाषाओं में उपशीर्षक के साथ) और दुनिया भर में प्रसारित किया जाएगा।
पार्श्वभूमि
कुछ दिन पहले तमिल नाडु मे इस गाने के कारण विवाद छिड गया था। एक YouTube channel “करुपुर कोट्टम” ने हिंदू धर्म और देव देवताओं को अपमानित किया था जिसके चलते पुरे प्रांत में इस channel के खिलाफ भारी प्रदर्शन हुए। जिसके चलते पुलिस ने इस चैनल के खिलाफ केस दर्ज किया और इस चैनल से जुडे लोगों को गिरफ़्तार किया।
इसके कारण “कंडा षष्ठी कावचम्” इस गाने के प्रति देश भर में काफी चिकित्सा पैदा हुई हैं ये गीत भगवान कार्तिकेय मुरुगा की प्रशंसा के लिए समर्पित है जोकी तमिलनाडु में और दुनिया भर में अपने भक्तों के लिए श्रधा के प्रतिक हैं।
ये गीत १९ वि सदी (19 CE) में भगवान कार्तिकेय के परम भक्त देवराया स्वामिगळ ने वल्लौर ( अभी का मैसूर) के पास थोंडाय मंडलम् में रचा था जिसे स्कंदा सष्टी कवचम् से जाना जाता है. देवराया स्वामिगळ प्रसिद्ध तमिळ पंडित मीनाक्षी सुंदरम् पिल्लै ke शिष्य थे.
ये गीत भगवान कार्तिकेय के भक्तों में kafi प्रिय है, और उनकी ऐसी मान्यता है की रोज़ इसका पठन करने से हमारे बुरे कर्मों का नाश होता है तथा भगवान सारी बुराइयों से हमारी रक्षा करते है.
ऐसा अनुमान है की गुरुदेव का यह कार्यक्रम दुनिया भर में करोडों लोगों तक पहुुंचेगा.
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