हरियाणा में सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब सबकी नज़रें लगी हैं महाराष्ट्र पर, जहां सरकार बनाने के लिए राजनीतिक घमासान ज़ोरों पर है. शिवसेना की शर्तों से उत्पन्न स्थिति के चलते राज्य में दिवाली के बाद सोमवार को बैठकों का दौर जारी रहा. मातो श्री में भी हलचल रही तो वहीं राजभवन में भी मुलाकात का सिलसिला देखा गया.
महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को स्पष्ट बहुमत मिलने के बाद राज्य में सरकार बनाने की कवायद दिवाली की छुट्टियों के बाद एक बार फिर तेज़ हो गई. दिवाली के अगले ही दिन महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मियां शुरू हो गईं. पहले शिवसेना के नेता दिवाकर राउते गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मिलने पहुंते, तो उनके तुरंत बाद ही सीएम देवेंद्र फडणवीस भी गवर्नर के दरबार में पहुंचे. हालांकि दोनों ने ही इस मुलाकात को दीपावली के मौके पर औपचारिक मुलाकात बताया है.
महाराष्ट्र विधानसभा नतीजों के बाद से ही शिवसेना सत्ता बंटवारे को लेकर 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है. उधर 30 अक्टूबर को भाजपा विधायक दल की बैठक होनी है, जिसमें नेता का चुनाव होगा, इसमें कोई दो राय नहीं है कि देवेंद्र फणडवीस को भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया जाएगा. इस बीच केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे.
सोमवार को शिवसेना के कई नेताओँ ने मुंबई के ‘मातोश्री’ में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. इसमें केंद्रीय मंत्री अरविंद सावंत, एकनाथ शिंदे, प्रताप सरनाइक और विश्वनाथ महादेश्वर शामिल थे. वहीं बीजेपी सरकार बनाने को लेकर आश्वस्त है.
महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर निर्दलीय विधायकों के समर्थन का दौर जारी है. भाजपा को समर्थन की घोषणा करने वाले तीन निर्दलीय विधायकों में गीता जैन, राजेंद्र राउत और रवि राणा शामिल हैं. इससे पहले अचलपुर से विधायक बाच्चु काडु और उनके सहयोगी एवं मेलघाट से विधायक राजकुमार पटेल ने शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश की. दोनों सीटें विदर्भ के अमरावती जिले की हैं.
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