रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पोतआई. सी. जी. एस. वराहको भारतीय तटरक्षक बल के बेड़े में शामिल किया। यह तटरक्षक बल के सात समुद्री गश्ती पोत श्रृंखला में चौथा है। इसे पश्चिमी कमान के तहत कर्नाटक के न्यू मंगलौर में तैनात किया जाएगा।
98 मीटर गश्ती पोत वराह का डिजाइन और निर्माण देश में ही किया गया है। यह तलाश और बचाव कार्य तथा समुद्री गश्ती संचालन के लिए दो इंजन वाले हेलिकॉप्टर और तीव्र गति की चार नौकाओं को ले जाने में सक्षम है। इसमें समुद्र में तेल फैलने जैसी घटनाओं से बचाव के लिए प्रदूषण नियंत्रण उपकरण भी लगे हैं।
भारतीय तटरक्षक बल के गश्ती पोत वराह के जलावतरण के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि समुद्री आतंकवाद के बढ़ते खतरे को देखते हुए विभिन्न देशों के साथ सहयोग और क्षेत्रीय व्यवस्था आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सहयोग और समन्वय से ही क्षेत्रीय शांति और समुद्री संपदा की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी, समुद्र में तेल रिसाव और टकराव जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी पक्षों के बीच सहयोग जरूरी है। रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक विश्वसनीय सुरक्षाबल है और इसकी सतर्कता से पिछले चार दशक के दौरान समुद्र में हर दूसरे दिन एक जीवन बचाया जा सका है
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