महज 16 साल की उम्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को रोकने के लिए आवाज उठाने वाली ग्रेटा थनबर्ग से प्रेरित होकर दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन, संयुक्त राष्ट्र जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन से पहले भारी विरोध प्रदर्शन.
जहां पूरी दुनिया जलवायू परिवर्तन के गंभीर संकट से जूझ रही है। धरती को बचाने के लिए दुनियाभर में कई तरह के आंदोलन चल रहे हैं। इस कड़ी में नया नाम जुड़ा है महज 16 साल की उम्र में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को रोकने के लिए आवाज उठाने वाली ग्रेटा थनबर्ग का। स्वीडिश पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा को हाल ही में नोबल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
ग्रेटा को 2018 में जलवायु परिवर्तन और उससे हो रहे दुष्प्रभावों को नजरअंदाज करना इतना नागवार गुजरा कि उन्होंने इसके खिलाफ अभियान छेड़ दिया. इसकी शुरूआत उन्होंने अकेले ही की थी. लेकिन एक स्कूली छात्रा के बुलंद हौसलों को देखते हुए आज इस मुहिम से दुनिया भर के सारे देश जुड़ गये है।
न्यूयॉर्क प्रशासन ने 11 लाख बच्चों को इस प्रदर्शन से जुड़ने की अनुमति दी। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में करीब एक लाख लोग सड़कों पर उतरे। ये प्रदर्शन 27 सितंबर तक चलेंगे। जलवायु परिवर्तन को लेकर यह अब तक का सबसे बड़ा विरोध माना जा रहा है।
23 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन होने वाला है। इसके लिए ग्रेटा न्यूयॉर्क पहुंची हैं। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली ग्रेटा थनबर्ग क्लाइमेट समिट में हिस्सा लेने के लिए ब्रिटेन के फ्लाइमाउथ से नौका से 15 दिनों में न्यूयॉर्क पहुंची थीं। कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सके, इसके लिए उन्होंने बोट से यात्रा की थी।
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