किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में केन्द्र सरकार का एक और बड़ा क़दम, 2019-20 के लिए सभी खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की मंज़ूरी. अहमदाबाद, लखनऊ और मैंगलूरू हवाई अड्डों को पीपीपी मॉडल के तहत लीज़ पर देने के प्रस्ताव को केन्द्रीय मंत्रिमंडल की हरी झंडी, फिलहाल एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के तहत हैं ये हवाई अड्डे.
केन्द्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक के बाद किसानों को बड़ा तोहफा देते साल 2019-20 के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी की है। सरकार ने धान की फसल पर 65 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है। पहले किसान को एक क्विंटल धान के लिए 1750 रुपए मिलते थे लेकिन अब उन्हें 1815 रुपए मिलेंगें।वही धान ए ग्रेड के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 85 रुपए का बढ़ोत्तरी कर इसे 1835 रुपए कर दिया है। ज्वार के लिए 2550 रुपए, बाजरा 2000 रुपए, रागी 3150 रुपए और मक्का 1760 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य होगा। मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपए बढाकर 5090 रुपए और सोयाबीन 311रुपए बढ़ाकर 3710 रुपए क्विंटल होगा।
कपास के मध्यम आकार का रेशा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 105 रुपए बढ़ाकर 5,150 प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,255 रुपये प्रति क्विंटल और कपास (लंबा रेशा) का एमएसपी 5,450 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,550 रुपये प्रति क्विंटल पर कर दिया गया। इसी तरह अरहर का एमएसपी 105 रुपए बढ़ाकर 5,675 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5800 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग का एमएसपी 6,975 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 7,050 रुपये प्रति क्विंटल और उड़द का एमएसपी 5,600 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5700 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
इसके साथ ही कैबिनेट ने अहमदाबाद, लखनऊ और मेंगलोर में पब्लिक- प्राइवेट साझीदारी के तहत बनने वाले हवाई अडडों के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसमें सबसे कम बोली वाली निविदा को इन हवाई अडडों के निर्माण का काम दिया जाएगा। इसके साथ ही केद्रीय सशस्त्र सेवा के ग्रुप ए के अधिकारियों को केंद्र सरकार के ग्रुप ए के अधिकारियों के समान सुविधाए देने पर भी केबिनेट ने मंजूरी दी। साथ ही कैबिनेट ने भारत और मालदीव के बीच समुद्र के रास्ते यात्री और माल ढुलाई और मोरक्को के साथ न्यायपालिका के क्षेत्र में सहयोग को समझौतों को मंजूरी दी।
WhatsApp us