प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि कोविड-19 महामारी के कारण लॉकडाउन के सकारात्मक परिणाम मिले हैं, क्योंकि देश पिछले डेढ़ महीने से हजारों लोगों का जीवन बचाने में सफल रहा है।
वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की जनसंख्या कई देशों की जनसंख्या के बराबर है। भारत सहित कई देशोंकी स्थिति मार्च के प्रारम्भ में लगभग एक जैसी थी, लेकिन समय से कदम उठाये जाने के कारण भारत बहुत से लोगों की रक्षा करने में सफल रहा। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि इस वायरस का खतरा अभी बना हुआ है और लगातार सावधानी ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब तक दो लॉकडाउन देख चुका है और दोनों अलग-अलग तरहनसे रहे हैं। अब हमें आगे के बारे में सोचने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस का प्रभाव आने वाले कुछ महीनों तक नजर आएगा।
‘दो गज दूरी’ के मंत्र को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि मास्क और चेहरा ढकना आने वाले दिनोंनमें लोगों के जीवन का हिस्सा बन जाएंगे। प्रधानमंत्री ने बताया कि कई लोग स्वयं ही घोषित कर रहे है कि उन्हें खांसी, जुकाम या कोई अन्य लक्षण है और यह स्वागत योग्य है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था और कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष को महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने जहां तक संभव हो प्रौद्योगिकी के उपयोग के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने अधिक से अधिक संख्या में लोग आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें इसे सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों से जुड़े लोगों को महामारी से निपटने के तरीके तैयार करने और शोध तथा नवाचार मजबूत करने के लिए एकजुट किया जा सकता है।
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