भारत ने कल ओड़ीसा में चांदीपुर से दो मिसाइलों का सफल प्रायोगिक परीक्षण किया। पिनाक निर्देशित रॉकेट प्रणाली के उन्नत संस्करण का परीक्षण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के प्रूफ और प्रायोगिक स्थापना परीक्षण केंद्र से किया गया। सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित कार्रवाई मिसाइल (क्यू आर – एस ए एम) एकीकृत परीक्षण केंद्र के प्रक्षेपण परिसर में मोबाइल लॉंचर से प्रक्षेपित की गई।
स्वदेश में विकसित पिनाक और सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित कार्रवाई मिसाइल प्रणाली का परीक्षण निर्धारित लक्ष्य हासिल कर पूरी तरह सटीक साबित हुआ। ये परीक्षण अपने सभी उद्देश्यों में सफल रहे। पिनाक प्रणाली के मार्क-दो संस्करण की अधिकतम मारक क्षमता 75 किलोमीटर है और यह 45 सेकेंड से कम समय में ही इकट्ठे 12 रॉकेटों को निशाना बना सकती है। सतह से हवा में मार करने वाली त्वरित कार्रवाई प्रणाली भी दो वाहनों के साथ लगभग 25 से 30 किलोमीटर के दायरे में एक साथ कई निशाना लगा सकती है। सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल मैदानी और अर्द्ध-रेगिस्तानी इलाकों में सैन्य टुकड़ियों की रक्षा में महत्वपूर्ण सहायता देगी। यह दुश्मन की उन मिसाइलों को भी निशाना बनाने में कारगर साबित होगी जो नजदीक आकर अचानक गायब हो जाती हैं। इन मिसाइलों के सफल परीक्षण से भारत की सुरक्षा स्थिति मजबूत होगी।
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