सऊदी अरब को इस्लाम का घर कहा जाता है, मुसलमानों के लिये यह एक पवित्र देश माना जाता है। और पाकिस्तान का जन्म इस्लाम के लिये ही हुआ था। इसके बावजूद भी सऊदी अरब ने पिछले चार महीनों में लगभग 40,000 पाकिस्तानी श्रमिकों को उनके देश वापस भेज दिया। आधिकारिक रुप से सऊदी आँकड़ें बताते हैं कि सन 2012 से 2015 के बीच में सऊदी अरब ने 243,000 पाकिस्तानी कामगारों को निष्कासित किया था।
सऊदी अरब के शूरा काउंसिल की सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अब्दुल्ला अल-सदून सहित कई प्रमुख सऊदी राजनेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि पाकिस्तानी नागरिकों को वीज़ा देने से पहले उनकी कड़ी जांच पड़ताल की जाऐ। आख़िर क्या वजह है कि सऊदी अरब को इतनी भारी संख्या में पाकिस्तानी नागरिकों को उनके देश वापस भेजना पड़ा? “पाकिस्तान ही इस्लाम है और इस्लाम ही पाकिस्तान है” का नारा लगाने वाले पाकिस्तान का सऊदी अरब में स्वागत क्यों नहीं है?
सऊदी गैजेट ने बताया पाकिस्तानी श्रमिकों को निष्कासित करने के बहुत से कारण हैं—पाकिस्तानी श्रमिक वीज़ा का उल्लंघन करते हैं, मादक पदार्थों की तस्करी करते हैं, जालसाज़ी और चोरी जैसे अपराध भी करते हैं, यहाँ तक की पाकिस्तानी नागरिकों का संबंध आतंकवादी संगठन आइसिस और अन्य चरमपंथी समूहों के साथ भी पाया गया। शूरा काउंसिल की सुरक्षा समिति के अध्यक्ष अब्दुल्ला अल-सदून ने बताया कि “अफगानिस्तान के साथ निकटता के कारण पाकिस्तान खुद आतंकवाद से त्रस्त है। तालिबान जैसे आतंकवादी संगठन का आंदोलन खुद पाकिस्तान में पैदा हुआ था।” लगभग 80 पाकिस्तानी नागरिक सऊदी अरब की जेल में आतंक या सुरक्षा संबंधी अपराधों के आरोप में बंद हैं।
सऊदी अरब ने पूरी दुनिया को यह संदेश दिया है कि सऊदी अरब एक इस्लामिक देश है परंतु राष्ट्र की सुरक्षा उनके लिये सर्वोपरि है। जब उनके लिये राष्ट्र की सुरक्षा की बात आती है तो अपनेआप को इस्लाम का मसीहा बताने वाले पाकिस्तान जैसे देश के नागरिकों को भी अपने देश से बाहर फेंकने में संकोच नहीं करते।
आज जब भारत मे नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) की बात हो रही है तो यहाँ के विपक्ष पार्टीयाँ के साथ साथ तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग क्यो विरोध कर रहा है? “काग़ज़ नहीं दिखाऐंगें” का नारा लगाने वाले बुद्धिजीवी वर्ग को ये मंज़ूर है कि पड़ोसी देश के असामाजिक तत्व भारत की भूमि पर बेलगाम अपराध करते रहें और भारत को पता ही नहीं कि वो भारत का नागरिक है या पड़ोसी देश का?
भारत का ज़िम्मेदार नागरिक—जो अपने देश के राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर फ़िक्रमंद है—ये सारे प्रश्न विपक्ष और तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग से करता है…..
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